प्रेम-1
तुम प्रेम का कौन- सा रूप हो
तुम अवसान हो या प्रारंभ
तुम भावों के बीज हो या वृक्ष
तुमसे कुछ जन्मा है या पूर्ण हुआ है
तुम देव नहीं
क्योंकि पत्थर तो तुम हो नहीं सकते
तुम मनुष्य भी नहीं
तुम्हारे पास तो ह्रदय है
तुम कुछ नया हो, कुछ अलग
तुम समय से बहुत आगे खड़े हो
या अभी यात्रा शुरू ही नहीं की !!!
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
kavitaao ka color dark hai .achha likhaa hai magar padhane me dikkat hoti hai.
जवाब देंहटाएंkoob achchi lagi .
जवाब देंहटाएंअच्छा और गंभीर प्रश्न है
जवाब देंहटाएं